रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल
झाड़ोल। प्रतिभा जब शिक्षा, साहित्य, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों के साथ मिलकर समाज को नई दिशा देने का काम करती है, तो उसकी पहचान स्थानीय सीमाओं से निकलकर व्यापक मंचों तक पहुंचती है। कुछ ऐसी ही उपलब्धि राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय उमरिया, गिरवा, उदयपुर की अध्यापिका कोमल मेहता ने हासिल की है। जयपुर में आयोजित भव्य समारोह में उन्हें उनके उल्लेखनीय शैक्षणिक एवं सामाजिक योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘सरदार पटेल गौरव अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान केवल एक शिक्षिका की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि शिक्षा, सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति समर्पित प्रयासों की पहचान के रूप में देखा जा रहा है।
31 अक्टूबर 2026 को राजधानी जयपुर में भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती महोत्सव एवं संयुक्त राष्ट्र स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में अंतरराष्ट्रीय समरसता मंच की ओर से भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। ‘वसुधैव कुटुम्बकम्, ग्लोबल विलेज और सत्यम् शिवम् सुन्दरम्’ के आदर्शों को केंद्र में रखकर आयोजित इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से चयनित 65 विशिष्ट प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। इसी गरिमामय समारोह में कोमल मेहता को सम्मानित किया जाना क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बन गया।
न्यायमूर्ति और गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी में मिला सम्मान
समारोह की अध्यक्षता डॉ. हुकुम चन्द्र गणेशिया, चांसलर ने की। मुख्य अतिथि के रूप में न्यायमूर्ति जे.के. रांका, राष्ट्रीय अध्यक्ष, सेवानिवृत्त सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय न्यायाधीश एसोसिएशन, भारत तथा राजस्थान राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग के अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार नायक (राज्यमंत्री दर्जा) उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि जयपुर की पूर्व महापौर शील धाभाई के करकमलों द्वारा कोमल मेहता को ‘सरदार पटेल गौरव अवार्ड’ प्रदान किया गया।
इस अवसर पर मंच की ग्लोबल एम्बेसेडर डॉ. तुहिना प्रकाश शर्मा (पुष्कर, अजमेर), मूलसिंह नाथावत एवं डॉ. ओमप्रकाश शर्मा सहित अनेक गणमान्यजन मौजूद रहे। अतिथियों ने सम्मानित प्रतिभाओं के योगदान की सराहना करते हुए सामाजिक समरसता, शिक्षा और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
साहित्यिक एवं सांस्कृतिक चेतना के साथ शिक्षा के क्षेत्र में पहचान
कोमल मेहता का सम्मान ऐसे समय में हुआ है, जब शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम और परीक्षा तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, सांस्कृतिक समझ, मानवीय संवेदनाओं और राष्ट्रीय एकता के संस्कार विकसित करने की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है। साहित्य और संस्कृति समाज को जोड़ने, विचारों को व्यापक बनाने तथा नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और मूल्यों से परिचित कराने का सशक्त माध्यम हैं।
ऐसे में शैक्षणिक एवं सामाजिक योगदान के लिए मिला यह सम्मान शिक्षण क्षेत्र में समर्पण और सकारात्मक सामाजिक भूमिका की महत्ता को रेखांकित करता है। यह उपलब्धि ग्रामीण और जनजातीय अंचलों में शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों को भी प्रोत्साहित करने वाली है।
अब नेपाल में अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए आमंत्रण
अंतरराष्ट्रीय समरसता मंच के संयोजक डॉ. कुलदीप प्रसाद शर्मा, एडवोकेट ने बताया कि कोमल मेहता को आगामी 27 से 29 दिसंबर 2026 तक नेपाल में आयोजित भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जयंती महोत्सव के समापन समारोह में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया गया है। यह आयोजन भारत-नेपाल मैत्री, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, विश्व बंधुत्व और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित होगा।
जयपुर के मंच से मिला सम्मान और नेपाल के अंतरराष्ट्रीय आयोजन में सहभागिता का आमंत्रण कोमल मेहता के लिए उपलब्धि के दो महत्वपूर्ण पड़ाव हैं। इससे उन्हें व्यापक स्तर पर अपने विचारों और अनुभवों को साझा करने का अवसर मिलेगा।
स्थानीय प्रतिभाओं के लिए बनी प्रेरणा
कोमल मेहता को मिला ‘सरदार पटेल गौरव अवार्ड’ इस बात का संदेश भी है कि शिक्षा और समाज के प्रति समर्पित प्रयासों की पहचान व्यापक मंचों पर हो सकती है। उदयपुर जिले के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि यहां के शैक्षणिक और ग्रामीण परिवेश से जुड़ी प्रतिभाएं अपनी मेहनत, समर्पण और कार्यों के दम पर बड़े आयोजनों में सम्मान प्राप्त कर रही हैं।
सरदार पटेल की राष्ट्रीय एकता की भावना और संयुक्त राष्ट्र के विश्व बंधुत्व के आदर्शों के बीच आयोजित इस समारोह में कोमल मेहता का सम्मान शिक्षा, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों के महत्व को नई पहचान देने वाला अवसर बन गया।
