रिपोर्ट - प्रवीण वेद (बबलू) झाड़ोल
जयपुर।
राजस्थान में पंचायत और नगर निकाय चुनावों को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब सितंबर 2026 तक प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव नहीं कराए जाएंगे। इसके साथ ही ओबीसी आरक्षण से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए ओबीसी आयोग का कार्यकाल भी बढ़ा दिया गया है।
सरकार के इस फैसले के पीछे सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित “ट्रिपल टेस्ट” की प्रक्रिया को मुख्य कारण बताया जा रहा है। बिना इस प्रक्रिया को पूरा किए चुनाव कराना कानूनी रूप से संभव नहीं माना जा रहा।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण तय करने से पहले सटीक सर्वेक्षण, आयोग की रिपोर्ट और आरक्षण का वैज्ञानिक निर्धारण जरूरी है। इसी कारण चुनावों को फिलहाल टालने का निर्णय लिया गया है।
इस निर्णय के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने जहां सरकार पर चुनाव टालने के आरोप लगाए हैं, वहीं सरकार का कहना है कि यह कदम पूरी तरह कानूनी मजबूरी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
इस फैसले का असर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों पर पड़ेगा। पंचायतों और नगर निकायों में नए प्रतिनिधियों के चुनाव के लिए अब जनता को और इंतजार करना होगा, जबकि वर्तमान व्यवस्था ही जारी रहेगी।
सरकार का कहना है कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट मिलते ही चुनाव की नई तारीखों का ऐलान किया जाएगा, जिससे आगे किसी प्रकार का विवाद या कानूनी अड़चन न आए।
