नर्सेज की ज्वलंत मांगों को लेकर सरकार तक पहुंची आवाज, पृथक निदेशालय सहित 9-18-27 फिक्सेशन की उठी मांग
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रिपोर्ट - प्रवीण वेद (बबलू) झाड़ोल

उदयपुर।

राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन, उदयपुर शहर के प्रतिनिधि मंडल ने नर्सेज से जुड़ी लंबित और महत्वपूर्ण मांगों को लेकर प्रमुख शासन सचिव (चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) राजस्थान सरकार, गायत्री राठौड़ को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नर्सिंग कर्मियों की वर्षों से चली आ रही समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए शीघ्र कार्रवाई की अपील की गई।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेशभर में हजारों नर्सेज विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाएं दे रही हैं, लेकिन उनके लिए पृथक निदेशालय का अभाव होने से उन्हें अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी बार-बार भटकना पड़ता है। इस स्थिति को देखते हुए एसोसिएशन ने जयपुर में नर्सेज का अलग निदेशालय स्थापित करने की प्रमुख मांग उठाई।

इसके साथ ही 9, 18 और 27 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर मिलने वाले वेतन फिक्सेशन लंबे समय से लंबित होने पर नाराजगी जताते हुए इसे शीघ्र लागू करने की मांग की गई। संविदा पर कार्यरत नर्सिंग कर्मियों के हित में आगामी भर्तियों में 10, 20 और 30 बोनस अंकों के आधार पर उन्हें प्राथमिकता देते हुए नियमित करने तथा नर्सिंग क्षेत्र में ठेका प्रथा समाप्त करने की भी मांग प्रमुखता से रखी गई।

ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक आश्वासन देते हुए उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

इस अवसर पर प्रतिनिधि मंडल में संरक्षक सत्यवीर सिंह तंवर, जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार चरपोटा, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रमेश मीणा, प्रदेश सचिव लालचंद ऐचरा, सचिव अभिषेक शर्मा, कृष्ण अवतार गुप्ता, शकीला अंसारी, जितेंद्र चौबीसा, अजय खराड़ी, अमन सक्सेना सहित कई नर्सेज उपस्थित रहे।