मगवास में विश्वकर्मा मंदिर महोत्सव का भव्य समापन कलश यात्रा, शिखर प्रतिष्ठा और महाप्रसादी के साथ तीन दिवसीय आयोजन हुआ संपन्न
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रिपोर्ट - प्रवीण वेद (बबलू) झाड़ोल

मगवास (झाड़ोल)। ग्राम मगवास में आयोजित त्रि-दिवसीय भगवान श्री विश्वकर्मा मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव बुधवार को अत्यंत भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। समापन दिवस पर कलश यात्रा, शिखर प्रतिष्ठा, पूर्णाहुति हवन, महाआरती और विशाल महाप्रसादी का आयोजन किया गया। आचार्य पंडित राहुल जोशी के सानिध्य में संपन्न इस ऐतिहासिक आयोजन के दौरान पूरा क्षेत्र 'विश्वकर्मा भगवान की जय' के जयकारों से गुंजायमान रहा।

भव्य कलश यात्रा से हुई समापन दिवस की शुरुआत

प्रातः 8 बजे निकाली गई भव्य कलश यात्रा ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर मंगल गान किए। ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजों की धुन पर निकली इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े और पूरा मार्ग केसरियामय नजर आया।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए मुख्य अनुष्ठान

यज्ञशाला में वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य मूर्तियों का न्यास और शिखर प्रतिष्ठा का मुख्य अनुष्ठान संपन्न हुआ। इसके पश्चात प्रतिष्ठा हवन में विशेष आहुतियों के साथ देवताओं का आह्वान किया गया। दोपहर में पूर्णाहुति हवन के साथ यज्ञ की पूर्णता हुई और तत्पश्चात भगवान श्री विश्वकर्मा की भव्य महाआरती उतारी गई, जिसमें उपस्थित जनसमूह ने सुख-समृद्धि की कामना की।

हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण की महाप्रसादी

महोत्सव के समापन पर आयोजित विशाल महाप्रसाद में मगवास सहित आसपास के दर्जनों गांवों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर प्रसादी ग्रहण की। आयोजन समिति ने समस्त अतिथियों एवं सेवादारों के प्रति आभार व्यक्त किया।