एनपी न्यूज 24/ गजेन्द्र मालवीय, डेस्क
सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा एवं श्री ठाकुर गोविन्द श्याम–महारानी तुलसी मंगल परिणयोत्सव का भव्य समापन, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया धर्मलाभ
राजस्थान/उदयपुर/झाड़ोल/फलासिया। राजस्थान के उदयपुर जिले के झाड़ोल-फलासिया क्षेत्र स्थित धर्म नगरी श्री गोविन्द श्याम नगरी, बिछीवाड़ा में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा एवं श्री ठाकुर गोविन्द श्याम जी–महारानी तुलसी जी के मंगल परिणयोत्सव का धार्मिक रीति-रिवाजों एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य समापन हुआ। सात दिनों तक चले इस धार्मिक महामहोत्सव ने पूरे क्षेत्र को भक्ति, श्रद्धा एवं आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर कर दिया।
अरावली पर्वतमालाओं के बीच स्थित इस पावन धरा पर सात दिनों तक श्रद्धा का ऐसा महासंगम देखने को मिला, जहां झाड़ोल, फलासिया, उदयपुर सहित दूर-दराज क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचकर धर्म लाभ प्राप्त करते रहे। आयोजन के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा वातावरण बना रहा।
महोत्सव की शुरुआत 7 मई को गणपति स्थापना एवं श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ के साथ हुई। सात दिवसीय कथा का वाचन परम पूज्य कथावाचक पण्डित श्री फतहलाल जी महाराज ने अपने श्रीमुख से किया। कथावाचक पण्डित श्री फतहलाल जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, नरसिंह अवतार, वामन अवतार, कंस वध, राम-लक्ष्मण कथा एवं रुक्मणी-कृष्ण विवाह जैसे विभिन्न प्रसंगों का संगीतमय एवं भावपूर्ण वर्णन किया।
कार्यक्रम के दौरान परम पूजनीय श्री श्री 1008 अवधेशानंद गिरि महाराज का आगमन भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। उनके दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
एक विशेष संयोग भी पूरे आयोजन के दौरान चर्चा का विषय बना रहा। रात्रि समय गोविन्द श्याम मंदिर के ऊपर दिखाई दिए अर्धचंद्र की दिव्य आभा ने श्रद्धालुओं को विशेष आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान की। संयोगवश उसी दिन अवधेशानंद गिरि महाराज का आगमन भी हुआ, जिसे श्रद्धालुओं ने शुभ संकेत के रूप में देखा।
मंगल परिणयोत्सव के अंतर्गत 25 जोड़ों द्वारा देव आवाहन, हवन पूजन एवं मंडप प्रवेश कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम शास्त्री देवीलाल भारद्वाज एवं निलेश भट्ट के सानिध्य में सम्पन्न हुआ। रात्रि 8 बजे भगवान श्री ठाकुर गोविन्द श्याम जी एवं महारानी तुलसी जी की भव्य बिनोली निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
बुधवार को भगवान श्री ठाकुर गोविन्द श्याम जी की बारात गोविन्द श्याम मंदिर से रवाना होकर गोविन्द श्याम बाग पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भगवान श्री ठाकुर गोविन्द श्याम जी एवं महारानी तुलसी जी का विवाह संस्कार सम्पन्न हुआ।
पूरे आयोजन के दौरान गोविन्द श्याम बाग श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। वहीं गोविन्द श्याम मंदिर विकास एवं सेवा समिति के सदस्य पूरे सात दिनों तक व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में जुटे रहे। गोविन्द श्याम मंदिर विकास एवं सेवा समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा, भोजन प्रसादी एवं कार्यक्रम की समस्त व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया।
यह आयोजन केवल धार्मिक महोत्सव नहीं बल्कि आस्था, सामाजिक एकता एवं सेवा भावना का एक भव्य उदाहरण बनकर सामने आया।
