रिपोर्ट - प्रवीण वेद (बबलू), झाड़ोल
झाड़ोल। झाड़ोल-गोगुंदा मार्ग पर स्थित नांदवेल गांव में बीती रात एक ऐसा खौफनाक हादसा हुआ, जिसने हर किसी की सांसें थाम दीं। तेज रफ्तार में जा रही एक कार अचानक अनियंत्रित हुई और सीधे 'मदन जी की बावड़ी' के गहरे पानी में जा समाई। कार में दो युवक सवार थे, जिनके लिए वो रात काल बनकर आई थी, लेकिन सूझबूझ और ग्रामीणों की जांबाजी से आज दो घर उजड़ने से बच गए।
मौत का कुआं बनी बावड़ी, सूझबूझ से जीती जिंदगी की जंग
कार जैसे ही सीधे पानी में गिरी, दोनों युवक जिंदगी और मौत के बीच फंस गए। चारों तरफ गहरा पानी और अंधेरा था। ऐसे में एक युवक ने गजब की हिम्मत दिखाई और बावड़ी में लगी मोटर के वायर को पकड़कर मौत के मुंह से बाहर निकल आया।
ग्रामीणों ने देवदूत बनकर बचाई दूसरे युवक की जान
चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने पल भर की भी देरी नहीं की। दूसरा युवक पानी के बीच फंसा हुआ था। ग्रामीणों ने तुरंत रस्सी का इंतजाम किया और भारी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर खींच लिया। ग्रामीणों की इस फुर्ती और बहादुरी ने एक बड़े हादसे को टाल दिया।
"अगर ग्रामीणों ने समय रहते तत्परता नहीं दिखाई होती, तो आज कहानी कुछ और होती। दोनों युवकों का सुरक्षित बाहर आना किसी चमत्कार से कम नहीं है।"
— स्थानीय ग्रामीण
सुबह पानी खाली होने पर नजर आया खौफनाक मंजर
हादसा इतना भयानक था कि कार पूरी तरह पानी में जलमग्न हो गई और रात के अंधेरे में गायब हो गई। बुधवार सुबह ग्रामीणों की मदद से बावड़ी में मोटरें लगाई गईं। घंटों तक पानी खींचने के बाद जब पानी कम हुआ, तब जाकर डूबी हुई कार दिखाई दी।
फिलहाल, दोनों युवक पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे की चर्चा पूरे क्षेत्र में आग की तरह फैली हुई है। हर कोई युवकों की किस्मत और ग्रामीणों की जांबाजी को सलाम कर रहा है।
