संध्या और योगासन सिख कर बढ़ रहा है बच्चों का आत्मविश्वास। संध्या से वेदमंत्र हो रहे हैं कंठस्थ संस्कृत का बढ़ रहा है मान।
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रिपोर्ट घेवरचन्द आर्य

पाली 16 जून मंगलवार। आर्य वीर दल के आत्म रक्षा और चरित्र निर्माण प्रशिक्षण शिविर के पाचवे दिन नियमित ध्वजारोहण ध्वजगान के पश्चात योगासन के तहत भुजंगासन, धनुरासन, शीर्षासन आदि का अभ्यास करवाया गया । नियुद्दम् सुरक्षा दुश्मन से बचाव के तहत कूर्पर प्रहार (कनपटी) कूर्पर प्रहार (छाती) हस्त तलाग्र प्रहार (गाल) नत प्रहार (डुडी) के गुर सिखाए गए।


 बौद्धिक ज्ञान के तहत पांचवें दिन मुख्य अतिथि भारत विकास परिषद के सचिव एवं Right choice पब्लिक स्कूल के मालिक जयशंकर त्रिवेदी ने जीवन जीने के लिए योग, शिक्षा और राष्ट्रवाद अनिवार्य विषय पर अपना उद्बोधन दिया। उन्होंने कहां की जिस प्रकार शरीर के लिए भोजन अनिवार्य है। उसी प्रकार आत्मा के लिए योग अनिवार्य है। योग से एकाग्रता बढ़ती है और बुद्धि का विकास होता है। इसलिए हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र जी मोदी ने योग को शिक्षा में महत्वपूर्ण स्थान दिया है। योग और शिक्षा से ही राष्ट्रवाद के भाव विकसित होते हैं जो किसी भी व्यक्ति के जीवन में अनिवार्य है।


आज भी दस नये बच्चों का प्रवेश हुआ, रोज बच्चों की बढ़ती संख्या से उत्साहित भामाशाह भी बढ़ चढ़कर आगे आ रहे हैं। आज तरूण कुमावत और परिवार की और से सभी बच्चों को मीठे आम जबकी शिवराम प्रजापत की और से फ्रूट क्रीम का वितरण किया गया। सायं नियमित ध्यान के तहत 15 मीनट के लिए वेदमंत्रो के गान के साथ संध्या करवाई गई जिससे बच्चों की एकाग्रता बढ़ती है।


आज के कार्यक्रम में गणमान्य जनों के तहत आर्य समाज मंत्री विजयराज आर्य, आर्य वीर दल संरक्षक धनराज आर्य, जिम्नास्टिक कोच भवर गौरी, वरिष्ठ आर्य वीर विनोद तोमर, कुशल देवडा, श्यामलाल उतवण, महिला आर्य समाज से पूजा तोमर, राखी शर्मा आदि ने उपस्थित रहकर बच्चों का उत्साह बढ़ाया।