रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल
RTE सीटों में गड़बड़ी, पैसे लेकर प्रवेश देने का आरोप; शिक्षा विभाग की कार्रवाई
उदयपुर। शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून के तहत आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों के लिए निजी स्कूलों में आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश देने में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। उदयपुर जिले के 86 निजी विद्यालयों पर आरोप है कि उन्होंने गरीब बच्चों को प्रवेश देने के बजाय निर्धारित सीटों को अन्य विद्यार्थियों से भर दिया और नियमों की खुलेआम अवहेलना की। मामले की जांच के बाद शिक्षा विभाग ने संबंधित स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार RTE के तहत निजी विद्यालयों में कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित सीटें अनिवार्य रूप से भरना कानूनन आवश्यक है, लेकिन कई स्कूलों ने इन सीटों पर पात्र बच्चों को प्रवेश नहीं दिया। आरोप है कि कुछ संस्थानों ने आर्थिक लाभ के लिए इन सीटों को अन्य विद्यार्थियों को आवंटित कर दिया। जांच में प्रथम दृष्टया अनियमितताएं सामने आने पर विभाग ने 86 स्कूलों को नोटिस जारी किए हैं और भारी जुर्माना वसूलने की प्रक्रिया शुरू की है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि RTE का उद्देश्य गरीब और वंचित परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। ऐसे में नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में किसी भी बच्चे का शिक्षा का अधिकार प्रभावित न हो।
इस कार्रवाई से जिले के निजी विद्यालयों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग अब प्रवेश रिकॉर्ड, सीटों की स्थिति और विद्यालयों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की गहन जांच कर रहा है। दोषी पाए जाने वाले विद्यालयों पर आर्थिक दंड के साथ अन्य प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
