रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल
ग्रामीण सेवा शिविर बना भरोसे की नई पहचान, मौके पर समाधान से सैकड़ों ग्रामीणों को मिली राहत
झाड़ोल। प्रशासन को आमजन के द्वार तक पहुंचाने की राज्य सरकार की मंशा को झाड़ोल क्षेत्र में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविरों ने साकार रूप दिया है। बुधवार को ग्राम पंचायत उपरेटा मे तहसीलदार सीताराम बोरीवाल के नेतृत्व में आयोजित शिविर केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहे, बल्कि ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बने। राजस्व विभाग की सक्रिय कार्यशैली और संवेदनशील पहल से सैकड़ों ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ मौके पर ही उपलब्ध कराया गया, जिससे प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत हुआ।
शिविर में राजस्व विभाग ने राजस्व अभिलेखों से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निस्तारण करते हुए 8 नामांतरण, 5 शुद्धिकरण तथा एक विद्यालय के लिए भूमि आवंटन की कार्रवाई मौके पर पूरी की। वहीं पंचायत राज विभाग की ओर से 14 जन्म प्रमाण पत्र, 3 मृत्यु प्रमाण पत्र, 3 विवाह प्रमाण पत्र, 5 सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृत, 17 मनरेगा जॉब कार्ड जारी तथा 2 पालनहार योजना सत्यापन जैसे महत्वपूर्ण कार्य संपादित किए गए।
तहसीलदार सीताराम बोरीवाल ने बताया कि ग्रामीण सेवा शिविरों का उद्देश्य ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर से मुक्त कर प्रशासन को उनके द्वार तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए राजस्व विभाग पूरी संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है।
ग्रामीणों ने भी शिविर की सराहना करते हुए कहा कि पहले छोटे-छोटे राजस्व कार्यों के लिए कई बार तहसील कार्यालय जाना पड़ता था, लेकिन अब अधिकारी स्वयं गांव पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। इससे समय, धन और श्रम तीनों की बचत हुई है तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी भी एक ही स्थान पर मिल रही है।
ग्रामीण सेवा शिविरों की सफलता यह साबित करती है कि जब प्रशासन जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गांव-गांव तक पहुंचता है, तो शासन की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि सीधे आमजन के जीवन में बदलाव लाती हैं। झाड़ोल क्षेत्र में आयोजित यह शिविर राजस्व विभाग की जनसेवा, जवाबदेही और प्रभावी प्रशासन का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है।
