ग्राम सेवा शिविर बना भरोसे की नई पहचान: वर्षों पुराने राजस्व विवाद सुलझे, घुमंतू परिवारों को मिला जमीन का अधिकार
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रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल

तहसीलदार सीताराम बोरीवाल की प्रभावी मॉनिटरिंग में मौके पर सुधरी राजस्व रिकॉर्ड की त्रुटि, मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कालबेलिया परिवारों को सौंपे आवासीय पट्टे

झाड़ोल | पंचायत समिति झाड़ोल की ग्राम पंचायत ओड़ा में गुरुवार को आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली और सरकार की जनकल्याणकारी सोच का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा। एक ओर वर्षों से लंबित राजस्व रिकॉर्ड की त्रुटि का मौके पर समाधान कर ग्रामीण को राहत दी गई, वहीं दूसरी ओर वर्षों से भूमि अधिकार से वंचित घुमंतू कालबेलिया परिवारों को आवासीय पट्टों का वितरण कर उनके जीवन में स्थायी बदलाव की नींव रखी गई।

शिविर का निरीक्षण जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी एवं शिविर प्रभारी उपखंड अधिकारी कपिल कोठारी ने किया। इस दौरान अतिरिक्त विकास अधिकारी बंशीलाल, ओगणा मंडल अध्यक्ष तख्त सिंह सोलंकी, मंडल महामंत्री शेर सिंह तथा प्रशासक रमिला देवी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

वर्षों पुरानी राजस्व रिकॉर्ड की गलती का मौके पर समाधान

शिविर में रोहीमाला निवासी भेरूलाल पुत्र लच्छीराम ने राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज अपनी जाति संबंधी त्रुटि का मामला प्रस्तुत किया। रिकॉर्ड में उनकी जाति 'लुहार' अंकित थी, जबकि सही जाति 'लोहार' थी। इस त्रुटि के कारण उन्हें वर्षों से राजस्व कार्यों एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

तहसीलदार सीताराम बोरीवाल के निर्देशन एवं सतत मॉनिटरिंग में राजस्व टीम ने मौके पर दस्तावेजों का परीक्षण कर रिकॉर्ड में आवश्यक संशोधन किया और जाति संबंधी त्रुटि का तत्काल निराकरण कर दिया। रिकॉर्ड सही होने से अब संबंधित ग्रामीण को भविष्य में सरकारी योजनाओं, प्रमाण-पत्रों तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों में किसी प्रकार की बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।

तहसीलदार सीताराम बोरीवाल ने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविरों का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं नियमसम्मत समाधान सुनिश्चित करना है। राजस्व विभाग प्रत्येक पात्र व्यक्ति की समस्या का समयबद्ध निस्तारण करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

घुमंतू कालबेलिया परिवारों को मिला स्थायी आशियाने का अधिकार

शिविर का सबसे भावनात्मक क्षण तब आया जब जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने वर्षों से भूमि अधिकार की प्रतीक्षा कर रहे घुमंतू कालबेलिया परिवारों को आवासीय पट्टे वितरित किए। पट्टा प्राप्त करते ही परिवारों के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया।

आवासीय भूमि का अधिकार मिलने से इन परिवारों को अब स्थायी आवास, सरकारी पहचान, सामाजिक सुरक्षा तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। वर्षों से अस्थायी जीवन जी रहे परिवार अब सम्मानपूर्वक मुख्यधारा से जुड़कर विकास की नई यात्रा शुरू कर सकेंगे।

सरकारी योजनाओं की जानकारी भी पहुंची अंतिम व्यक्ति तक

ग्राम सेवा शिविर में आमजन को प्रधानमंत्री आवास योजना, जनजाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं, मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना, चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना, उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन तथा ई-धरा सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं लाभ उपलब्ध कराया गया।

ग्राम पंचायत ओड़ा का यह शिविर इस बात का प्रमाण बना कि सरकार के ग्राम सेवा शिविर केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान, सामाजिक न्याय की स्थापना और अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन चुके हैं। त्वरित कार्रवाई, पारदर्शी व्यवस्था और संवेदनशील प्रशासन ने एक बार फिर ग्रामीणों का सरकार एवं प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत किया।