79 साल की आज़ादी, फिर भी कालिया फला तक नहीं पहुंची सड़क!
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रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल

200 परिवारों का ऐलान—"सड़क नहीं तो वोट नहीं", पंचायत चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

झाड़ोल (उदयपुर), 08 जुलाई।

देश आज़ादी के 79 वर्ष पूरे कर चुका है और गांव-गांव विकास के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन पंचायत समिति फलासिया की ग्राम पंचायत गुराड़ के राजस्व गांव गुराड़ स्थित मेघवाल फला-भगोरा फला-कालिया फला आज भी पक्की सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। लगभग 200 परिवार वर्षों से कच्चे और जर्जर रास्ते पर आवागमन करने को मजबूर हैं। बरसात शुरू होते ही यह रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है और पूरा इलाका मानो विकास से कट जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान हालात इतने खराब हो जाते हैं कि स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है, गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाना मुश्किल हो जाता है, बुजुर्ग और मरीज समय पर इलाज नहीं करा पाते तथा एम्बुलेंस भी गांव तक नहीं पहुंच पाती। कई बार लोगों को मरीजों को चारपाई और निजी वाहनों के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामने सड़क निर्माण की मांग रखी जा रही है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। आज तक डामरीकरण सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो सका, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।

अब ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि पंचायत राज चुनाव से पहले कालिया फला तक डामरीकरण सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो पूरा गांव आगामी पंचायत चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेगा। ग्रामीणों का कहना है कि जब मूलभूत सुविधा ही नहीं मिली तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का क्या औचित्य रह जाता है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, पंचायत समिति और संबंधित विभागों से मांग की है कि इस सड़क को प्राथमिकता में लेकर तत्काल स्वीकृति जारी की जाए और निर्माण कार्य शुरू कराया जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

ग्रामीणों का सवाल

79 साल बाद भी सड़क क्यों नहीं?

आखिर कब तक कच्चे रास्ते पर जान जोखिम में डालकर सफर करेंगे ग्रामीण?

विकास के दावों में कालिया फला कब शामिल होगा?

जनप्रतिनिधि का पक्ष (वर्जन)

सरपंच सुगना देवी गरासिया ने बताया कि सड़क काफी लंबी है और ग्राम पंचायत के पास इतना बजट उपलब्ध नहीं है। वर्तमान में नरेगा के तहत श्रमिकों से कार्य कराया जा रहा है। सड़क की लंबाई को देखते हुए पीडब्ल्यूडी विभाग से संपर्क कर डामरीकरण सड़क स्वीकृत कराने का प्रयास किया जाएगा।