रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल
सड़क मार्ग से रात 8 बजे पहुंचे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, एक ही रात में ₹39 लाख की पेयजल स्वीकृति, झाड़ोल में सरस डेयरी, सीसी रोड और खेल मैदान की घोषणा; ग्रामीणों के बीच बैठकर किया भोजन, मंडल अध्यक्ष के घर किया रात्रि विश्राम, दूसरे दिन सुबह गांव की गलियों में घूमकर ग्रामीणों और बच्चों से किया आत्मीय संवाद
झाड़ोल (उदयपुर)। झाड़ोल के बीड़ा गाँव मे रात्रि चौपाल को लेकर लगातार हो रही तेज बारिश और खराब मौसम के बावजूद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपना निर्धारित कार्यक्रम निरस्त नहीं किया। हेलीकॉप्टर से आने की बजाय सड़क मार्ग से सफर तय करते हुए शनिवार रात करीब 8 बजे बीड़ा गांव पहुंचे। बारिश के बीच भी हजारों ग्रामीण देर रात तक मुख्यमंत्री के इंतजार में डटे रहे। मुख्यमंत्री के गांव पहुंचते ही पूरा क्षेत्र जनसैलाब में बदल गया और आदिवासी परंपरा के अनुरूप उनका भव्य स्वागत किया गया।
मुख्यमंत्री के स्वागत में आदिवासी संस्कृति की पहचान वालर नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री ने कलाकारों का तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया और स्वयं भी वालर नृत्य में शामिल होकर आदिवासी संस्कृति का सम्मान किया। इस दौरान उन्हें पारंपरिक धनुष-तीर और कमान भेंट कर आदिवासी समाज की ओर से अभिनंदन किया गया।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने रात्रि चौपाल में ग्रामीणों, महिलाओं, किसानों, पशुपालकों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों से सीधे संवाद किया। उन्होंने सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए लाभार्थियों से योजनाओं का फीडबैक लिया और अधिक से अधिक पात्र लोगों को योजनाओं से जुड़ने का आह्वान किया। चौपाल के दौरान कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
गोपीलाल गायरी की एक मांग और हाथों-हाथ ₹39 लाख की स्वीकृति
रात्रि चौपाल के दौरान बीड़ा निवासी गोपीलाल गायरी ने गांव की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या मुख्यमंत्री के सामने रखते हुए ओपन कुएं के निर्माण की मांग की। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मंच से ही अधिकारियों को निर्देश दिए और कुछ ही देर में करीब ₹39 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर उसकी प्रति स्वयं गोपीलाल गायरी के हाथों में सौंप दी।
मुख्यमंत्री के इस त्वरित निर्णय के बाद पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। वर्षों से पेयजल संकट झेल रहे ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।
महिलाओं की आवाज बनी झाड़ोल के लिए सरस डेयरी की सौगात
महिला स्वयं सहायता समूहों एवं पशुपालकों से संवाद के दौरान महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि झाड़ोल क्षेत्र का दूध बेचने के लिए उदयपुर भेजना पड़ता है। महिलाओं की इस समस्या को सुनते ही मुख्यमंत्री ने झाड़ोल में सरस डेयरी की स्थापना की घोषणा करते हुए अधिकारियों को जल्द निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
कीचड़ भरे रास्ते की शिकायत पर तुरंत सीसी रोड की घोषणा
संवाद के दौरान एक महिला ने बताया कि गांव से मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए करीब एक किलोमीटर तक कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने तुरंत गांव में सीसी रोड निर्माण की घोषणा कर अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
युवाओं को मिला खेल मैदान का तोहफा
बीड़ा के युवाओं ने खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए खेल मैदान की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने तत्काल आज़ाद मैदान को खेल मैदान के रूप में विकसित करने की घोषणा करते हुए आवश्यक स्वीकृति जारी करने के निर्देश दिए।
राजीविका महिलाओं को चेक, किसान मोर्चा ने भेंट किया हल
मुख्यमंत्री ने राजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को विभिन्न योजनाओं के तहत चेक वितरित किए। वहीं भाजपा किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष देवीलाल गाड़री ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर मुख्यमंत्री का पारंपरिक स्वागत करते हुए उन्हें हल भेंट किया।
ग्रामीण परिवार के घर बैठकर किया भोजन, गांव में ही किया रात्रि विश्राम
रात्रि चौपाल के बाद मुख्यमंत्री ने मोहनी देवी तावड़ पत्नी रामा तावड़ के घर ग्रामीण परिवार के बीच बैठकर भोजन ग्रहण किया। इसके बाद उन्होंने भाजपा मंडल अध्यक्ष शंकरलाल गाड़री के निवास पर रात्रि विश्राम किया। मुख्यमंत्री का यह सादगीपूर्ण व्यवहार ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
दूसरे दिन प्रातःकालीन भ्रमण में गांव की गलियों में पहुंचे मुख्यमंत्री, ग्रामीणों और बच्चों से किया आत्मीय संवाद
उदयपुर दौरे के दूसरे दिन रविवार सुबह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बीड़ा गांव में प्रातःकालीन भ्रमण पर निकले। गांव की गलियों में पैदल चलते हुए उन्होंने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया और उनकी समस्याएं, सुझाव तथा विकास कार्यों को लेकर चर्चा की। मुख्यमंत्री का सहज, सरल और सादगीपूर्ण अंदाज ग्रामीणों को खूब रास आया तथा आमजन ने खुलकर उनसे अपने मन की बात साझा की।
भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री छोटे बच्चों से भी मिले। उन्होंने बच्चों को शिक्षा का महत्व समझाते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने, जीवन में आगे बढ़ने और अपने गांव, समाज तथा प्रदेश का नाम रोशन करने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट देकर उनका उत्साह बढ़ाया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर बच्चे भी बेहद खुश नजर आए।
प्रातःकालीन भ्रमण के दौरान जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, विधायक हेमंत मीणा, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं भाजपा पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
आज राजसमंद के लिए रवाना होंगे मुख्यमंत्री
प्रातःकालीन भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री झाड़ोल से उदयपुर रवाना होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे राजसमंद जिले के कार्यक्रमों में भाग लेंगे तथा शाम को उदयपुर के महाराणा प्रताप एयरपोर्ट से जयपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
रात्रि चौपाल की प्रमुख सौगातें
• पेयजल समस्या के समाधान के लिए ओपन कुएं हेतु ₹39 लाख की तत्काल प्रशासनिक स्वीकृति।
• झाड़ोल में सरस डेयरी स्थापित करने की घोषणा।
• गांव में सीसी रोड निर्माण की घोषणा।
• आज़ाद मैदान को खेल मैदान के रूप में विकसित करने की घोषणा।
• राजीविका समूह की महिलाओं को चेक वितरण।
• किसान मोर्चा की ओर से मुख्यमंत्री को हल भेंट।
• ग्रामीण परिवार के घर भोजन और गांव में ही रात्रि विश्राम।
• दूसरे दिन प्रातःकालीन भ्रमण कर ग्रामीणों और बच्चों से आत्मीय संवाद।
बीड़ा की चौपाल बनी विकास, विश्वास और जनसंवाद की नई पहचान
बीड़ा गांव की यह रात्रि चौपाल केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि आदिवासी अंचल में विकास, त्वरित निर्णय, जनभागीदारी और संवेदनशील प्रशासन की मिसाल बन गई। लगातार बारिश और विपरीत मौसम के बावजूद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का सड़क मार्ग से गांव पहुंचना, मौके पर बड़ी घोषणाएं करना, ग्रामीण परिवार के घर भोजन और रात्रि विश्राम करना तथा अगले दिन सुबह गांव की गलियों में निकलकर ग्रामीणों और बच्चों से आत्मीय संवाद करना इस दौरे को झाड़ोल क्षेत्र के इतिहास की सबसे यादगार और चर्चित चौपालों में शामिल कर गया।
