डबल मर्डर का 24 घंटे में खुलासा: उदयपुर पुलिस की सटीक रणनीति ने 'धर्म के बेटे' का उतारा नकाब कर्ज के दलदल में फंसे शातिर ने संपत्ति और जेवरात के लालच में रची खूनी साजिश, पुलिस ने वैज्ञानिक जांच और तकन
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रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल

उदयपुर/वल्लभनगर। उदयपुर जिले के वल्लभनगर थाना क्षेत्र के मुण्डोल गांव में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का उदयपुर पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर अपनी कार्यकुशलता, सूझबूझ और तेज अनुसंधान क्षमता का शानदार परिचय दिया है। वृद्ध महिला और उसकी मानसिक रूप से अस्वस्थ पुत्री की नृशंस हत्या से पूरे क्षेत्र में फैली सनसनी के बीच पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी विश्लेषण और लगातार की गई गहन पड़ताल के दम पर वारदात के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया।

इस पूरे ऑपरेशन में आईजीपी उदयपुर रेंज गौरव श्रीवास्तव के मार्गदर्शन, जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन (आईपीएस) के नेतृत्व तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) रजत विश्नोई एवं वृत्ताधिकारी श्रवणदास संत के निर्देशन में थानाधिकारी पुनाराम गुर्जर के नेतृत्व वाली टीम ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की।

07 मिनट में मौके पर पहुंची पुलिस, हर सबूत को वैज्ञानिक तरीके से किया सुरक्षित

घटना 1 अगस्त 2026 को सामने आई, जब प्रार्थी नानालाल (रूपा जी गाडरी के दत्तक पुत्र) ने थाना वल्लभनगर में रिपोर्ट दी कि उसकी माता लूंगा बाई और बहन अमरी बाई की घर में घुसकर धारदार हथियार से हत्या कर दी गई तथा सोने-चांदी के जेवरात लूट लिए गए।

सूचना मिलते ही महज 7 मिनट के भीतर थानाधिकारी पुनाराम गुर्जर मय जाब्ता घटनास्थल पर पहुंचे। मौके को तत्काल सील कर एफएसएल टीम, डॉग स्क्वाड और मोबाइल अनुसंधान इकाई को बुलाया गया। हर छोटे-बड़े साक्ष्य को वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित कर जांच को आगे बढ़ाया गया।

तकनीक, साइबर इनपुट और मनोवैज्ञानिक विश्लेषण ने खोला राज

पुलिस ने केवल पारंपरिक अनुसंधान पर निर्भर रहने के बजाय आधुनिक तकनीक, साइबर विश्लेषण, स्थानीय सूचनाओं और संदिग्धों की गतिविधियों का गहन अध्ययन किया। सादा वेश में विभिन्न पुलिस टीमों ने लगातार निगरानी रखी और आरोपी की गतिविधियों का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण भी किया।

जांच के दौरान सामने आया कि जयमीन उर्फ बन्टी दवे ने वर्षों पहले 75 वर्षीय लूंगा बाई को विश्वास में लेकर स्वयं को उनका 'धर्म का बेटा' बना लिया था। वृद्धा के पति और पुत्र का पहले ही निधन हो चुका था जबकि पुत्री अमरी मानसिक रूप से अस्वस्थ थी। आरोपी की नजर परिवार की संपत्ति पर थी, लेकिन जब उसकी मंशा पूरी नहीं हुई तो उसने हत्या की खौफनाक साजिश रच डाली।

कर्ज और लालच बना दोहरी हत्या का कारण

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बैंकों और अन्य लोगों के भारी कर्ज में डूबा हुआ था। आर्थिक संकट से निकलने के लिए उसने लूट की योजना बनाई। रात के समय घर में घुसकर पहले वृद्धा और फिर उसकी पुत्री की बेरहमी से हत्या कर दी तथा सोने-चांदी के जेवरात लेकर फरार हो गया।

वारदात के बाद आरोपी खुद को निर्दोष दिखाने के लिए लगातार लोगों से घटना की जानकारी लेता रहा और न्याय दिलाने की बातें करता रहा, लेकिन पुलिस की पैनी नजर और वैज्ञानिक जांच के सामने उसकी सारी चालाकी बेनकाब हो गई।

गिरफ्तार आरोपी

नाम: जयमीन उर्फ बन्टी पुत्र भवानी शंकर दवे (37 वर्ष)

मूल निवासी: मकान नं. 52, शिव मंदिर के पीछे, डांगियों का चौराहा, वल्लभनगर।

हाल निवासी: आर्ची गेलेक्सी अपार्टमेंट, सी-ब्लॉक, फ्लैट नं. 207, पृथ्वी सिंह जी का खेड़ा, थाना प्रतापनगर, उदयपुर।

इस सफल ऑपरेशन में शामिल पूरी पुलिस टीम

वरिष्ठ अधिकारी

आईजीपी उदयपुर रेंज गौरव श्रीवास्तव

पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन (आईपीएस)

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) रजत विश्नोई

वृत्ताधिकारी श्रवणदास संत

थाना वल्लभनगर एवं अन्य अधिकारी/कर्मचारी

पुनाराम गुर्जर (पु.नि., थानाधिकारी वल्लभनगर – विशेष योगदान)

हुकम सिंह (पु.नि., थानाधिकारी कानोड)

मुकेश चन्द (पु.नि., थानाधिकारी भीण्डर)

परमेश्वर पाटीदार (पु.नि., थानाधिकारी खैरोदा)

फैलीराम मीणा (उ.नि., जिला राजसमन्द – विशेष योगदान)

लोकेश रायकवाल (कानि., साइबर सैल उदयपुर)

शीशराम (स.उ.नि., थाना सूरजपोल)

रामानन्द (स.उ.नि., थाना वल्लभनगर)

मुकेशदास (हेड कानि. 564, थाना वल्लभनगर)

भावेश (हेड कानि. 1056, थाना वल्लभनगर)

राजेन्द्र (कानि. 1347, थाना वल्लभनगर – विशेष योगदान)

कुलदीप (कानि. 1536, थाना वल्लभनगर)

गिरीराज मीणा (कानि. 516, थाना वल्लभनगर)

धर्मवीर (कानि. 2537, थाना वल्लभनगर)

जसवन्त (कानि. 532, थाना वल्लभनगर)

भंवरलाल गायरी (कानि., थाना प्रतापनगर)

रामदेव (कानि. 1443, यातायात शाखा उदयपुर)

बाबुलाल (कानि. 629, थाना खैरोदा)

राजेश (हेड कानि. 2031, थाना भीण्डर)

स्वरुपाराम (कानि. 382, थाना भीण्डर)

लोकेश (कानि. 2586, थाना भीण्डर)

हरभजन (कानि. 3142, थाना भीण्डर)

कुलदीप सिंह (हेड कानि., साइबर सैल उदयपुर)

कमलेष (कानि. 1660, थाना वल्लभनगर)

मुकेष (कानि. 1898, थाना वल्लभनगर)

डीएसटी टीम (उदयपुर)

विक्रम सिंह (स.उ.नि., डीएसटी प्रभारी उदयपुर)

मनमोहन सिंह (स.उ.नि.)

करतार सिंह (स.उ.नि.)

कमलेश जाखड़ (हेड कानि. 222)

हितेन्द्र सिंह (हेड कानि.)

विरेन्द्र साहु (कानि. 1652)

मुकेश छबरवाल (कानि.)

सुमित (कानि.)

कृष्ण कुमार (कानि.)

पुलिस का संदेश

उदयपुर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वृद्धजनों या अकेले रहने वाले लोगों से अत्यधिक मेलजोल बढ़ाने वाले व्यक्तियों पर आंख मूंदकर विश्वास न करें। किसी भी व्यक्ति को संपत्ति, आभूषण या निजी जानकारी बिना पूरी जांच-परख के साझा न करें। सतर्कता ही अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।