झाड़ोल पंचायत की आरक्षण लॉटरी खुली, सरपंच पद एसटी ओपन; 15 वार्डों में आरक्षण तय
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रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल

झाड़ोल। पंचायत राज चुनावों को लेकर गुरुवार को झाड़ोल उपखंड कार्यालय में महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी हुई। उपखंड कार्यालय परिसर में प्रशासनिक अधिकारियों, उपखंड अधिकारी, तहसीलदार एवं अन्य कर्मचारियों के साथ राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। इस दौरान पंचायत समिति झाड़ोल की ग्राम पंचायत झाड़ोल के सरपंच पद एवं 15 वार्ड पंच पदों के आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। लॉटरी के बाद अब ग्राम पंचायत में चुनावी तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो गई है और संभावित दावेदारों ने भी अपने-अपने वार्डों में राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है।


ग्राम पंचायत झाड़ोल में सरपंच पद इस बार अनुसूचित जनजाति (एसटी) ओपन के लिए आरक्षित किया गया है। यानी सरपंच पद पर एसटी वर्ग का कोई भी पात्र महिला या पुरुष चुनाव लड़ सकेगा। सरपंच पद के आरक्षण के साथ ही ग्राम पंचायत के सभी 15 वार्डों के लिए भी अलग-अलग श्रेणियों में आरक्षण निर्धारित किया गया है।


लॉटरी के अनुसार वार्ड संख्या 1 ओबीसी ओपन, वार्ड संख्या 2 एसटी महिला, वार्ड संख्या 3 एससी ओपन तथा वार्ड संख्या 4 सामान्य ओपन रखा गया है। वहीं वार्ड संख्या 5 सामान्य महिला, वार्ड संख्या 6 ओबीसी ओपन, वार्ड संख्या 7 सामान्य ओपन और वार्ड संख्या 8 सामान्य महिला के लिए आरक्षित हुआ है।


इसी तरह वार्ड संख्या 9 ओबीसी महिला, वार्ड संख्या 10 सामान्य ओपन, वार्ड संख्या 11 एसटी महिला, वार्ड संख्या 12 एसटी ओपन, वार्ड संख्या 13 एसटी ओपन, वार्ड संख्या 14 एसटी महिला तथा वार्ड संख्या 15 सामान्य महिला के लिए आरक्षित किया गया है।


15 वार्डों की आरक्षण तस्वीर ने बदले समीकरण


झाड़ोल ग्राम पंचायत में कुल 15 वार्ड हैं। इनमें एसटी वर्ग के लिए पांच वार्ड, ओबीसी वर्ग के लिए तीन वार्ड, एससी वर्ग के लिए एक वार्ड तथा सामान्य वर्ग के लिए छह वार्ड आरक्षित हुए हैं। महिला आरक्षण की बात करें तो वार्ड 2, 5, 8, 9, 11, 14 और 15 में महिला उम्मीदवारों के लिए अवसर तय हुआ है। वहीं वार्ड 1, 3, 4, 6, 7, 10, 12 और 13 ओपन श्रेणी में हैं।


सरपंच पद के एसटी ओपन होने के साथ ही अब ग्राम पंचायत में एसटी वर्ग के संभावित दावेदारों की सक्रियता बढ़ना स्वाभाविक माना जा रहा है। खास बात यह है कि एसटी ओपन का मतलब केवल महिला आरक्षण नहीं बल्कि पात्र एसटी महिला एवं पुरुष दोनों के लिए चुनाव मैदान खुला होना है। ऐसे में सरपंच पद के लिए कई संभावित दावेदारों के सामने आने की संभावना है।


वार्ड आरक्षण की घोषणा के बाद अब गांव की स्थानीय राजनीति में भी हलचल तेज होने के आसार हैं। जिन वार्डों में सामान्य ओपन या एसटी ओपन आरक्षण आया है, वहां संभावित दावेदार अपने स्तर पर समर्थकों से संपर्क साध सकते हैं। वहीं महिला आरक्षित वार्डों में परिवारों और स्थानीय राजनीतिक समूहों की ओर से महिला प्रत्याशियों को मैदान में उतारने की रणनीति बननी शुरू हो सकती है।


गौरतलब है कि पंचायत चुनावों से पहले आरक्षण लॉटरी को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से उत्सुकता बनी हुई थी। झाड़ोल में गुरुवार को हुई लॉटरी के बाद अब दावेदारों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के सामने अपने-अपने वार्ड के हिसाब से रणनीति बनाने की स्थिति स्पष्ट हो गई है। हालांकि अंतिम चुनावी तस्वीर नामांकन प्रक्रिया और प्रत्याशियों के मैदान में आने के बाद ही सामने आएगी।


अब नजर नामांकन पर: आरक्षण की तस्वीर सामने आने के बाद झाड़ोल ग्राम पंचायत में अगला बड़ा घटनाक्रम संभावित उम्मीदवारों की सक्रियता और नामांकन प्रक्रिया होगी। सरपंच पद एसटी ओपन तथा 15 वार्डों के अलग-अलग आरक्षण ने गांव की चुनावी बिसात को पूरी तरह नया स्वरूप दे दिया है।