रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल
झाड़ोल। पुलिस थाना झाड़ोल क्षेत्र के अमरपुरा गांव में महिला से छेड़छाड़ और घर में घुसकर अभद्र हरकत करने के मामले में झाड़ोल थाना पुलिस ने करीब दो माह से फरार चल रहे वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान भैरा, पिता नानजी कसौटिया, उम्र 42 वर्ष, निवासी अमरपुरा, थाना झाड़ोल के रूप में हुई है। आरोपी को पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
थानाधिकारी बुधाराम विश्नोई से मिली जानकारी के अनुसार 24 सितंबर 2026 को अमरपुरा निवासी महिला ने थाने में रिपोर्ट देकर बताया कि उसका पति मजदूरी के लिए बाहर रहता है और वह बच्चों के साथ घर पर अकेली रहती है। रिपोर्ट में बताया गया कि 28 जून 2026 की रात करीब साढ़े 11 बजे वह घर के पड़साल में बच्चों के साथ सो रही थी। इसी दौरान आरोपी भैरा कथित रूप से चुपके से घर में घुस आया और महिला के पास बैठकर उसके कपड़े खींचने लगा।
महिला के अचानक चिल्लाने पर उसकी बेटी भी जाग गई। दोनों के शोर मचाने पर आसपास के पड़ोसी मौके पर पहुंचे और आरोपी को पकड़ लिया। थानाधिकारी के अनुसार आरोपी लोगों की पकड़ से छूटकर भाग गया और जाते समय महिला व उसके परिवार को जान से मारने तथा देख लेने की धमकी देने का आरोप है। महिला ने रिपोर्ट में आरोपी को बदमाश एवं गुंडा प्रवृत्ति का बताते हुए भविष्य में किसी गंभीर वारदात की आशंका भी जताई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए झाड़ोल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने प्रार्थिया और गवाहों के बयान दर्ज किए तथा घटनास्थल का निरीक्षण कर तकनीकी आधार पर भी जांच की। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी और मामले के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए गए थे।
इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रजत बिश्नोई, वृत्ताधिकारी झाड़ोल विवेक सिंह के सुपरविजन तथा झाड़ोल थानाधिकारी बुधाराम विश्नोई के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी सहायता और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी को डिटेन कर पूछताछ की। पूछताछ के बाद पुलिस को आरोपी के खिलाफ अपराध प्रमाणित पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भिजवाया गया।
पुलिस टीम ने ऐसे कसा शिकंजा
इस कार्रवाई में थानाधिकारी बुधाराम विश्नोई, एएसआई अमृतलाल, कांस्टेबल ओमप्रकाश (1173), कांस्टेबल बालकृष्ण (3196), कांस्टेबल मदनलाल (2600), कांस्टेबल लक्ष्मीलाल (3043) तथा साइबर सेल टीम, जिला उदयपुर की भूमिका रही। पुलिस टीम ने तकनीकी सहायता के साथ मुखबिर तंत्र का उपयोग करते हुए लंबे समय से वांछित आरोपी तक पहुंच बनाई।
पुलिस की इस कार्रवाई से मामले में फरार चल रहे आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई एवं अनुसंधान पुलिस द्वारा जारी रखा गया है।
