पंचायती राज चुनाव 2026: सरपंच और वार्ड पंचों की आरक्षण लॉटरी पूरी, अब किस सीट पर कौन लड़ सकता है?
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एनपी न्यूज 24/ गजेन्द्र लोहार, डेस्क

राजस्थान में पंचायती राज चुनाव 2026 को लेकर आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। 23 सितंबर को जिला स्तर पर जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और प्रधान पदों का आरक्षण तय किया गया, जबकि 24 सितंबर को उपखंड स्तर पर ग्राम पंचायतों के सरपंच और वार्ड पंच पदों की आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया पूरी की गई। 

आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही अब ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच के पदों की श्रेणी स्पष्ट हो गई है। संभावित उम्मीदवार अब अपनी सीट का आरक्षण देखकर यह तय कर सकते हैं कि संबंधित पद के लिए उनकी पात्रता बनती है या नहीं।

सवाल: आरक्षण की लॉटरी पूरी होने के बाद क्या साफ हुआ?

जवाब: अब ग्राम पंचायतवार सरपंच और वार्डवार पंच पदों के लिए आरक्षण श्रेणी तय हो गई है। यानी किस सीट पर अनारक्षित, महिला, ओबीसी, एससी या एसटी श्रेणी का आरक्षण रहेगा, इसकी स्थिति लॉटरी के बाद स्पष्ट हो गई है। 

सवाल: अनारक्षित ओपन सीट का क्या मतलब है?

जवाब: अनारक्षित ओपन सीट पर किसी विशेष जाति के लिए आरक्षण नहीं होता। ऐसी सीट पर निर्धारित अन्य कानूनी पात्रताएं पूरी करने वाला पुरुष या महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ सकता है।

सवाल: अनारक्षित महिला सीट पर कौन चुनाव लड़ सकता है?

जवाब: यह सीट महिला के लिए आरक्षित होती है। इसमें किसी एक जाति की महिला तक आरक्षण सीमित नहीं होता। यानी पात्र महिला उम्मीदवार इस सीट से चुनाव लड़ सकती है।

सवाल: ओबीसी ओपन सीट का क्या मतलब है?

जवाब: ओबीसी ओपन सीट पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होती है, लेकिन केवल महिला के लिए नहीं। इसलिए पात्र ओबीसी पुरुष या ओबीसी महिला उम्मीदवार इस सीट से चुनाव लड़ सकते हैं।

सवाल: ओबीसी महिला सीट पर कौन उम्मीदवार बन सकता है?

जवाब: ओबीसी महिला सीट पर ओबीसी वर्ग की महिला उम्मीदवार ही चुनाव लड़ सकती है।

सवाल: एससी ओपन सीट पर कौन चुनाव लड़ सकता है?

जवाब: एससी ओपन सीट अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित होती है। इसमें पात्र एससी पुरुष या एससी महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ सकते हैं।

सवाल: एससी महिला सीट का क्या मतलब है?

जवाब: इस श्रेणी में सीट अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित होती है। पुरुष उम्मीदवार इस सीट से चुनाव नहीं लड़ सकता।

सवाल: एसटी ओपन सीट पर कौन चुनाव लड़ सकता है?

जवाब: एसटी ओपन सीट अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित होती है। इसमें पात्र एसटी पुरुष या एसटी महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ सकते हैं।

सवाल: एसटी महिला सीट पर कौन चुनाव लड़ सकता है?

जवाब: एसटी महिला सीट पर अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ सकती है।

सवाल: क्या महिला आरक्षण केवल सामान्य वर्ग में होता है?

जवाब: नहीं। महिला आरक्षण अलग-अलग आरक्षित श्रेणियों में भी लागू होता है। इसलिए सामान्य महिला, ओबीसी महिला, एससी महिला और एसटी महिला जैसी अलग-अलग श्रेणियां सामने आती हैं। राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है।

सवाल: सरपंच और वार्ड पंच के आरक्षण में क्या अंतर है?

जवाब: दोनों पदों के लिए आरक्षण अलग-अलग निर्धारित किया जाता है। किसी ग्राम पंचायत का सरपंच पद जिस श्रेणी में आरक्षित हुआ है, वह पूरी ग्राम पंचायत के सरपंच पद पर लागू होगा। वहीं वार्ड पंच के लिए प्रत्येक वार्ड की अलग आरक्षण श्रेणी तय होती है।

इसलिए यह जरूरी नहीं है कि सरपंच की सीट जिस श्रेणी में हो, उसी श्रेणी में हर वार्ड पंच सीट भी हो।

सवाल: अगर वार्ड ओबीसी ओपन निकला है तो कौन उम्मीदवार बन सकता है?

जवाब: ओबीसी ओपन सीट पर पात्र ओबीसी पुरुष या महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ सकता है। इसे केवल पुरुषों की सीट नहीं समझना चाहिए। वहीं अगर ओबीसी महिला आरक्षण है तो उस सीट पर ओबीसी महिला उम्मीदवार ही पात्र होगी।

सवाल: अब संभावित उम्मीदवारों को क्या करना होगा?

जवाब: सबसे पहले संबंधित ग्राम पंचायत की अंतिम आरक्षण सूची में अपने सरपंच या वार्ड की श्रेणी देखनी होगी। इसके बाद अपनी जाति, महिला आरक्षण और चुनावी पात्रता के अनुसार नामांकन की तैयारी करनी होगी। अंतिम पात्रता और नामांकन संबंधी निर्णय निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान निर्धारित नियमों और संबंधित निर्वाचन अधिकारी के अनुसार होगा।

सवाल: क्या आरक्षण की लॉटरी के बाद चुनाव तुरंत होंगे?

जवाब: आरक्षण लॉटरी चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है, लेकिन इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम, नामांकन, जांच, नाम वापसी, मतदान और मतगणना से संबंधित कार्यक्रम लागू होगा। सरकार ने पंचायती राज चुनाव प्रक्रिया को 15 नवंबर 2026 तक पूरा कराने का संकल्प लिया है। 

गांवों में बढ़ी चुनावी हलचल

आरक्षण की तस्वीर साफ होने के बाद अब गांवों में संभावित उम्मीदवारों और ग्रामीणों के बीच चुनाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई उम्मीदवार अपनी सीट की आरक्षण श्रेणी के अनुसार आगे की तैयारी करेंगे, जबकि जिन संभावित उम्मीदवारों की सीट आरक्षण के कारण बदल गई है, उन्हें अब दूसरे विकल्प देखने पड़ सकते हैं।

अब सबसे महत्वपूर्ण होगी ग्राम पंचायतवार सरपंच और वार्डवार पंचों की आरक्षण सूची। इसी सूची के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि संबंधित सीट से किस वर्ग का उम्मीदवार चुनाव लड़ सकता है।

पंचायती राज चुनाव 2026 के लिए आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी माहौल और तेज होने की संभावना है। आने वाले चरणों में नामांकन और चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ तस्वीर और स्पष्ट होगी।